“शहर, स्पा और चंचल (देह एक, ज़ख्म अनेक)” उपन्यास आधुनिक समाज की उस सच्चाई को उजागर करता है, जिसे अक्सर चमक-दमक के पीछे छुपा दिया जाता है।“शहर, स्पा और चंचल (देह एक, ज़ख्म अनेक)” एक ऐसी युवती की कहानी है, जो परिस्थितियों, शोषण और समाज की दोहरी मानसिकता...