सहनशीलता और आत्म-खोज की कहानीनिराशा के तूफान के बीच, ईशा खुद को जीवन के अंतिम मोड़ पर खड़ा पाती है। वह रात का आकाश, जो कभी तारों से सजा था, अब बादलों से ढक चुका है; उस ओर देखते हुए वह सोचती है, क्या इस आंधी से कोई राहत का पल मिलेगा, जो उसकी ज़िंदगी को...