यदि मानव का अस्तित्व केवल शरीर तक सीमित है,तो चेतना क्या है?और यदि चेतना ही मूल तत्व है,तो क्या भविष्य में इसे कृत्रिम मस्तिष्क या डिजिटल संरचना में संग्रहित किया जा सकेगा?The Lost Vedic Code इसी तार्किक प्रश्न से आरंभ होती है—आस्था से नहीं, बल्कि...